Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -best -

जब बादशाह बहादुर शाह को दक्षिण (राजस्थान) से सरहिंद की हार और बंदा सिंह के बढ़ते प्रभाव के समाचार मिले, तो उन्होंने सारी उपेक्षा छोड़ दी। यह कोई साधारण विद्रोह नहीं था, बल्कि एक क्रांति थी।

1709 के अंत तक वे पंजाब के ‘खैराल’ (वर्तमान संगरूर जिले) क्षेत्र में पहुँचे। यहाँ उन्होंने ‘लोहगढ़’ किले को अपना मुख्यालय बनाया। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST

बंदा सिंह बहादुर सिर्फ एक योद्धा नहीं थे। वह उस सोच के प्रतीक थे जो जाति-पाति, ऊंच-नीच से परे थी। उन्होंने गरीब किसानों को राजा बना दिया। उन्होंने जजिया खत्म किया। उन्होंने उन किलों में खालसा का झंडा फहराया जहाँ कभी अत्याचारी शासक रहते थे। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST

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नमस्कार दोस्तों, पिछले भाग में हमने देखा कि कैसे एक साधु माधो दास ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से दीक्षा लेकर ‘बंदा सिंह बहादुर’ बने और उन्हें पंजाब भेजा गया। गुरु जी के आशीर्वाद और ‘जयते’ (विजय) की ध्वनि के साथ वह निकले। अब इस भाग में जानते हैं कि कैसे इस साधु-सेनानी ने मुगल सल्तनत की नींव हिला दी।