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Hindi Sex Story In Girls Voice Very Sexy Part 5 Target -

मीरा की आँखें नम हो गईं। उसने धीरे से कहा, "तुम्हें पता है, मैं भी तुम्हें देखती थी। हर रोज़ खिड़की के पास खड़े उस लड़के को। मैं सोचती थी, काश यह ट्रेन कभी खत्म न हो।"

आरव ने झुककर गीली किताब उठाई। उसका कवर पूरी तरह भीग चुका था। "यह तो गीली हो गई," उसने अफसोस से कहा।

एक दिन बारिश ने पूरे मुंबई को भिगो दिया। ट्रेनें लेट थीं, प्लेटफॉर्म गीले थे, और लोग परेशान थे। आरव हमेशा की तरह खड़ा था, तभी उसने देखा—वह लड़की दौड़ती हुई आ रही थी, लेकिन उसका पैर फिसल गया। उसकी किताब गीले फर्श पर गिर गई, और वह खुद भी लगभग गिर ही गई थी कि आरव ने उसका हाथ पकड़ लिया।

लड़की ने ऊपर देखा। उसकी बड़ी-बड़ी आँखों में बारिश के कतरे चमक रहे थे। "थैंक यू," वह मुस्कुराई। Hindi Sex Story in girls voice very sexy part 5 target

ट्रेन आई। दोनों चढ़े। उस दिन आरव ने हिम्मत जुटाई। "मैं आरव," उसने कहा।

फिर क्या था? धीरे-धीरे वही ट्रेन, वही सीटें, और फिर वही बातें। किताबों से शुरू हुई बातचीत, फिर सपनों तक पहुँची, फिर दिलों तक।

"संभल कर," आरव ने कहा, उसकी आवाज़ में एक अजीब सी कंपकपी थी। "तुम्हें पता है

कभी-कभी प्यार किसी बड़े इत्तेफाक से नहीं, बल्कि एक छोटी से बूंद, एक गिरती किताब और एक साहसिक हाथ से शुरू होता है। अगर तुम्हें कोई और कहानी चाहिए—जैसे राजा-रानी की, ऑफिस रोमांस की, या फिर कॉलेज लव स्टोरी की—तो बस कहना!

"कोई बात नहीं," लड़की ने किताब लेते हुए कहा, "किताबें सूख जाती हैं, लेकिन कुछ पल नहीं। यह पल नहीं भूलूंगी।"

वह लड़की, जिसके हाथ में हमेशा एक पुरानी सी किताब होती थी, आरव के सामने वाले डिब्बे में चढ़ती। उसके लंबे बाल अक्सर उसके चेहरे पर आ जाते, और वह उन्हें बार-बार हटाती। आरव ने उसका नाम 'किताब वाली लड़की' रख दिया था। वह उसका नाम तक नहीं जानता था, लेकिन उसकी शाम उसके बिना अधूरी लगती। प्लेटफॉर्म गीले थे

मीरा ने ऊपर देखा। आरव एक घुटने पर बैठा था, उसके हाथ में एक छोटा-सा डिब्बा था। अंदर एक अंगूठी थी।

मुंबई की उस भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन में हर रोज़ हज़ारों चेहरे आते-जाते थे, लेकिन आरव की नज़र सिर्फ एक चेहरे पर टिकती थी।

"बारिश की एक बूंद ने हमें गिरने से बचाया, और हम एक-दूसरे में बस गए। क्या तुम मेरी किताब का अगला अध्याय बनोगी, हमेशा के लिए?"